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Cow buffalo is being tied up in Muradpur hospital of Dumra block of Sitamarhi district सीतामढ़ी जिले के डुमरा प्रखंड के मुरादपुर अस्पताल में गाय भैंस बांधा जा रहा है


सीतामढ़ी जिले के डुमरा प्रखंड के मुरादपुर अस्पताल में गाय भैंस बांधा जा रहा है जा रहा है

सीतामढ़ी जिले के डुमरा प्रखंड के मुरादपुर अस्पताल में डॉक्टरों के नहीं पहुंचने से लोगों में नाराजगी वही सीतामढ़ी के डुमरा प्रखंड के मुरादपुर उप स्वास्थ्य केंद्र में भैंस एवं बकरियों के बांधे जाने का मामला प्रकाश में आया है 


आप सभी को बता दें कि मुरादपुर के उप स्वास्थ्य केंद्र में गाय भैंस बांधा जा रहा है और इस अस्पताल को गौशाला में बदला जा चुका है बताया जा रहा है कि यहां पर अस्पताल बनने के बाद से यहां पर डॉक्टर और नर्स की कभी आना जाना नहीं हुआ और उसी वजह से यहां अस्पताल तबेले में परिवर्तन हो गया है.


और यहां पर गाय भैंस को बांधा जा रहा है वहीं इस मामले को लेकर के ग्रामीणों में नाराजगी है और लोगों का कहना है कि जब से यह स्वास्थ्य केंद्र बना है यहां पर कोई भी डॉक्टर एवं कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचे हैं.


Korona के दूसरी लहर के बाद से हर अस्पताल में लोगों की भीड़ रहती है लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर के अस्पताल जाते हैं अपनी बेहतर इलाज के लिए लेकिन सरकार के द्वारा बनाए गए ग्रामीण क्षेत्रों में उप स्वास्थ्य केंद्र में अगर ऐसी व्यवस्था रहती है तो लोगों को काफी मुसीबत का सामना करना पड़ता है.


इतना ही नहीं बिहार राज्य के कई ऐसे जिले हैं जहां पर उप स्वास्थ्य केंद्र में कहीं पर मक्का रखा जाता है तो कहीं पर गाय भैंस को बांधा जाता है इस तरह के मामले प्रकाश में आते रहता है.


करुणा के दूसरी लहर के बाद से देश में लोगों की कोरोनावायरस यूके आंकड़े लगातार बढ़ती जा रही है और लोग घरों से बाहर निकलना पसंद नहीं कर रहे हैं और सरकार के द्वारा लगातार लॉकडाउन को बढ़ाते जा रहा है और लोग डॉन की अगली तारीख 1 जून तक कर दिया गया है 


ऐसे में लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल है लोग वह को जरा सा भी जो काम होते हैं तो लोग बाजार निकलते हैं जिसकी वजह से भीड़-भाड़ होती है अगर सरकार के द्वारा बनाए गए ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पताल की हालत सही होती तो अभी ऐसा नौबत नहीं आता और ज्यादा से ज्यादा संक्रमण नहीं फैलता

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